मुस्कुरा
कल खोया कल पाएगा ,
होगा तेरा जो है होना।
रोशन जहा फिर हो जायेगा ,
अँधेरे में काहे विचलित होना।
चल उठ देख जरा मन ,
बचे अरमान कुछ और भी हैं।
ये सोच मत उन्हें संजोयेगा कैसे ,
तेरे तरकश में कमान और भी हैं ।
तू नहीं टुटा, बस सपने टूटे,
सपनो के जहान और भी हैं।
कुटी से निकले कदम तो देखो
दुनिया में मकान और भी हैं ।
रोने दे उनको , चाहते हैं जो
वास्ते उसके इंसान और भी हैं।
क्यू सिथिल और यु शांत है तू ?
तेरे अम्बर में निशान और भी हैं।
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उद्देश्य मिश्रा
होगा तेरा जो है होना।
रोशन जहा फिर हो जायेगा ,
अँधेरे में काहे विचलित होना।
चल उठ देख जरा मन ,
बचे अरमान कुछ और भी हैं।
ये सोच मत उन्हें संजोयेगा कैसे ,
तेरे तरकश में कमान और भी हैं ।
तू नहीं टुटा, बस सपने टूटे,
सपनो के जहान और भी हैं।
कुटी से निकले कदम तो देखो
दुनिया में मकान और भी हैं ।
रोने दे उनको , चाहते हैं जो
वास्ते उसके इंसान और भी हैं।
क्यू सिथिल और यु शांत है तू ?
तेरे अम्बर में निशान और भी हैं।
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उद्देश्य मिश्रा
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