पुराना मकान
मै एक आलीशान घर था,
आंगन में जिसके तुलसी लगी थी।
बगल की गली में बस मिट्टी थी ,
सामने फूलो की डालियाँ लहराती ।
बाहर बरामदे में एक कुर्सी थी ,
दो तखत उसके साथ होते ।
तखत के निचे एक कुत्ता सोता था ,
बाहर कनेर के पेड़ पर कुछ कौवे बसते।
सुबह शाम उस तखत पर
कुछ बच्चे दीखते,
किताबे खोले , डांट सुनते हुए ,
दोपहर को कोई वहा सोता था ।
गौरये की ची ची ,
जो सुबह को शुरू होती
पुरे दिन परेशां करती थी ।
दिवारो में दराज ढूढ़ कर
घर बनाया था उन्होंने ।
वक़्त के साथ मेरी गोद के बचे बड़े हो गए ,
सड़के पक्की हो गयी है ,
पर मैं जर्जर और कमजोर महसूस करता हूँ।
मकड़ी के जाले तुलसी की सुखी डंठल तक पर है ।
कुर्सी जाने कौन ले गया ,
तखत को दीमक खा रहे है ।
कुत्ता जो बाहर गया,
आंगन में जिसके तुलसी लगी थी।
बगल की गली में बस मिट्टी थी ,
सामने फूलो की डालियाँ लहराती ।
बाहर बरामदे में एक कुर्सी थी ,
दो तखत उसके साथ होते ।
तखत के निचे एक कुत्ता सोता था ,
बाहर कनेर के पेड़ पर कुछ कौवे बसते।
सुबह शाम उस तखत पर
कुछ बच्चे दीखते,
किताबे खोले , डांट सुनते हुए ,
दोपहर को कोई वहा सोता था ।
गौरये की ची ची ,
जो सुबह को शुरू होती
पुरे दिन परेशां करती थी ।
दिवारो में दराज ढूढ़ कर
घर बनाया था उन्होंने ।
वक़्त के साथ मेरी गोद के बचे बड़े हो गए ,
सड़के पक्की हो गयी है ,
पर मैं जर्जर और कमजोर महसूस करता हूँ।
मकड़ी के जाले तुलसी की सुखी डंठल तक पर है ।
कुर्सी जाने कौन ले गया ,
तखत को दीमक खा रहे है ।
कुत्ता जो बाहर गया,
फिर लौट कर नहीं आया ।
सुना था किसी से ,
सुना था किसी से ,
सड़क किनारे कुछ सड़ा है ।
कनेर अभी भी खड़ा है ,
कनेर अभी भी खड़ा है ,
पर कौवे नहीं।
बरमदा सुना है ,
कोई किताब नहीं कोई बच्चा नहीं ।
कल के वो विश्रामालय ,
आज जानवरो के शौचालय लगता है।
भरी दोपहरी में भी,
अजीब सी ख़ामोशी बसती है मेरे आगोश में ।
मैने दीवारों में दराजे खोल दी है ,
पर अब कोई गौरैया घर नहीं बनाती।
अब मै घर नहीं बस पुराना मकान हूँ।
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उद्देश्य मिश्रा
बरमदा सुना है ,
कोई किताब नहीं कोई बच्चा नहीं ।
कल के वो विश्रामालय ,
आज जानवरो के शौचालय लगता है।
भरी दोपहरी में भी,
अजीब सी ख़ामोशी बसती है मेरे आगोश में ।
मैने दीवारों में दराजे खोल दी है ,
पर अब कोई गौरैया घर नहीं बनाती।
अब मै घर नहीं बस पुराना मकान हूँ।
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उद्देश्य मिश्रा
that nostalgia of our old homes where we spent our childhood has been beautifully depicted
ReplyDeleteBeautiful and emotional.
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