राजनीति हिंदुस्तान की
शाशक और शासित का संबंध कुछ ऐसा है,
दशा बदलती नही, बल का पुनर्वितरण होता है।
उद्यान जब भी भरता है, नन्ही कलियो के रंगों से,
रक्षा के नाम, वहीं भौरों का विचरण होता है।
कोई कहता है ,कंगाली पर ये वार आखिरी है,
कोई कहता है ,हिंदुस्तानी ये वक्ष विशाल आखिरी है।
कभी मिलो, तो पूछना, तटस्थ राष्ट्र के पुतो से,
हर पांचवे वर्ष , यूँही देश का विवरण होता है।
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उद्देश्य मिश्र
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